स्त्री की सुंदरता और सौम्यता उसके सुंदर चरित्र से होती है।
वह मुख पर सदैव मुस्कान लिये सरल भाव से सभी का सत्कार करती है।
अने मुखमंडल की कांति से स्वयं के स्वाभिमान का परिचय देती है।
सहजता से वह सारी जिम्मेदारी निभाती है ।
मर्यादित परिवार की वह शान होती है।